ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने कहा है कि अमरीका की ओर से इराक़ को विभाजित करने का प्रयास विफल रहेगा।
अलाउद्दीन बोरोजर्दी ने इराक़ को विभाजित करने की अमरीकी योजना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस्लामी जगत के लिए अमरीका की नीति मतभेद फैलाने, युद्ध भड़काने, और इस्लामी देशों को खंडित करने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अमरीका, इस्लामी देशों को मज़बूत नहीं देखना चाहता। अलाउद्दीन बोरोजर्दी ने कहा कि अमरीका और उसके घटकों ने वर्षों से क्षेत्रीय देशों के विभाजन को अपनी स्ट्रैटेजी के रूप में शामिल किया है। श्री बोरोजर्दी ने कहा कि एक समय अमरीकी यह चाहते थे कि इराक में अपने सैनिकों के लिए क़ानूनी सुरक्षा प्राप्त करके इस देश में लंबे समय तक बने रहें किंतु इराक़ी जनता और संसद ने इसे नकार दिया। ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख के अनुसार अपनी इस नीति में विफल होने के बाद अमरीकियों ने इराक़ में आईएसआईएल को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि अब जब इराक़ी धर्मगुरुओं की दुरदर्शिता और सेना तथा स्वयंसेवी बलों के प्रयासों से आईएसआईएल का अंत निकट आ चुका है तो अमरीका, इराक़ के विभाजन की योजना पर काम कर रहा है।उल्लेखनीय है कि अमरीकी कांग्रेस में मतदान के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया है जिसमें इराक़ में कुर्दों और सुन्नी मुसलमानों का सशस्त्र बनाने की बात कही गई है।