सऊदी अरब के अपदस्थ किए गए युवराज ने एक बयान में सऊदी नरेश पर कड़ी टिप्पणी की है।
एक वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के पूर्व युवराज मुक़रिन बिन अब्दुल अज़ीज़ ने अपने एक बयान में कहा है कि वे, यमन पर सऊदी अरब के हमले के विरोधी थे। उन्होंने सऊदी जनता से अपील की है कि वह नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ और उनके बेटे एवं रक्षा मुहम्मद बिन सलमान की एकपक्षीय कार्यवाहियों के विरुद्ध उठ खड़ी हो। मुक़रिन बिन अब्दुल अज़ीज़ ने बयान में कहा है कि उन्होंने सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि यमन पर हमला, विदेशी, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब के लिए नकारात्मक परिणाम लाएगा लेकिन नरेश ने, जिन्होंने देश की सैन्य कमान मुहम्मद बिन सलमान को सौंप रखी है, इस चेतावनी पर कोई ध्यान नहीं दिया।
सऊदी अरब के पूर्व युवराज ने अपने बयान में मित्र देशों से अपील की है कि वे यमन में सउदी अरब की गतिविधियों की रोकथाम करें, बुद्धि और तर्क के साथ निर्णय लें तथा वर्तमान स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान निकालें। मुक़रिन बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि ऐसे क़दम उठाए जान चाहिए जिनसे सऊदी अरब और यमन की संप्रभुता और शांति व सत्ता सुरक्षित रहे। उन्होंने सभी देशों विशेष रूप से यमन पर हमलों में शामिल देशों से मांग की है कि वे यमन पर अपने हमले बंद करें और क्षेत्र में तनाव घटाने के लिए एक दूसरे से सहयोग करें। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने पिछले बुधवार को एक शाही आदेश जारी कर युवराज मुक़रिन को अपदस्थ और मुहम्मद बिन नाएफ़ को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।