امیرالمؤمنين علی عليه السلام:
مَن أبصَرَ بِها الدنّیا بَصَّرَتهُ وَ مَن أبصَرَ إلَیها أعمَتهُ؛
بحار الانوار، جلد ۷۰، صفحہ ۱۔
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ.स.:
जो दुनिया को सीखने की नज़र से देखता है, तो दुनिया उसे दार्शनिक और ज्ञानी बना देती है; और अगर वह उसे हासिल करने के मक़सद से देखता है, तो अंधा बना देती है।