7 दिसंबर 2024 - 15:11
सीरिया मे तख्तापलट सफल रहा तो इस्राईल को मान्यता देगा दमिश्क़

इस आतंकी नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि हम इस्राईल के दोस्त हैं और बश्शार-असद के शासन, लेबनान मे हिज़्बुल्लाह और ईरान के अलावा हमारा कोई दुश्मन नहीं है। इस्राईल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला करके हमारी बहुत मदद की है अब बाकी काम हम करेंगे।

अर्दोग़ान के समर्थन से असद सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले आतंकी समूह ने साफ़ किया है कि अगर वह अपने मक़सद में कामयाब रहें तो इस्राईल के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाएं जाएंगे। 

टाइम्स ऑफ़ इस्राईल ने फ्री सीरियन आर्मी नामक आतंकवादी समूह के एक नेता के हवाले से लिखा है कि अगर तुर्की की मदद से सीरिया में सक्रिय आतंकवादी सीरियाई सरकार को उखाड़ फेंकने में सफल हो जाते हैं, तो वे सबसे पहले इस्राईल के साथ संबंध स्थापित करेंगे। ज़ायोनी अखबार ने कहा कि उसने तुर्की समर्थित समूह फ्री सीरियन आर्मी के एक नेता के साथ एक टेलीफोन साक्षात्कार किया था।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, साठ साल से अधिक उम्र के इस आतंकवादी ने शर्त लगाई है कि उसका नाम उजागर नहीं किया जाना चाहिए। इस आतंकी सरगना ने कहा कि अगर तुर्की की मदद से किए गए हमलों का परिणाम अपेक्षानुरूप में हुआ तो हमलावर समूह ज़ायोनी राज्य को मान्यता देंगे और उसके साथ संबंध स्थापित करेंगे।

इस आतंकी नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि हम इस्राईल के दोस्त हैं और  बश्शार-असद के शासन, लेबनान मे हिज़्बुल्लाह और ईरान के अलावा हमारा कोई दुश्मन नहीं है। इस्राईल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला करके हमारी बहुत मदद की है अब बाकी काम हम करेंगे।

इस तकफीरी आतंकी ने कहा कि यदि हम दमिश्क पर कब्जा कर लेते हैं, तो हम इस्राईल के साथ पूरी तरह से मेल-मिलाप कर लेंगे और उसके एक पड़ोसी के रूप में उसके साथ रहेंगे। हमने कभी भी इस्राईल का विरोध नहीं किया है, जबकि हिज़्बुल्लाह कुद्स और गोलान हाइट्स की मुक्ति के लिए लड़ रहा है, हम इसके खिलाफ हैं। हम केवल असद शासन और ईरानी सेनाओं से छुटकारा पाना चाहते हैं। फ़िलिस्तीन और गोलान की आज़ादी जैसे मुद्दे, जो अरब जगत मुद्दे का हिस्सा हैं, हमारे लिए कोई मायने नहीं रखते। हमारा रास्ता ईरान और हिज़्बुल्लाह से अलग है और हम इस्राईल को कभी नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। 

क्या सीरिया पर हमला करने वाले आतंकवादी ज़ायोनी अधिकारियों के संपर्क में हैं इस सवाल के जवाब मे आतंकी ने कुछ ज्यादा ना कहते हुए कहा कि हम केवल इतना कह सकते हैं कि लेबनान और सीरिया में ईरानी सुविधाओं पर ज़ायोनी हमलों के  लिए हम तल अवीव के आभारी हैं । 

दमिश्क के खिलाफ ज़ायोनी सेना से मदद मांगते हुए इस आतंकी सरगना ने कहा कि ईरान इराक से लड़ाके भेज रहा है जो असद शासन का समर्थन करेंगे, हम उनसे लड़ेंगे, लेकिन इस्राईल को भी उनसे निपटना होगा क्योंकि सीरिया में आने वाले लड़ाके न केवल हमारे दुश्मन हैं, बल्कि इस्राईल के भी दुश्मन हैं, इस्राईल को ईरान समर्थित योद्धाओं पर हमला करना चाहिए!