3 दिसंबर 2024 - 13:16
अजमेर दरगाह पर कोर्ट के आदेश पर जमात-ए-इस्लामी ने जताई आपत्ति

"हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यह है कि निचली अदालतों ने इस तरह के आवेदन स्वीकार कर लिए हैं।

अजमेर दरगाह को लेकर कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश पर जमाते इस्लामी ने आपत्ति जताई है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जमात-ए-इस्लामी हिंद राजस्थान के चीफ मोहम्मद नजीमुद्दीन ने राजस्थान की एक निचली अदालत के जरिए 800 साल पुरानी अजमेर शरीफ दरगाह को मंदिर होने का दावा करने वाली पिटीशन को कबूल करने पर चिंता ज़ाहिर की है। 

उन्होंने कहा, "यह बहुत दुख की बात है कि अदालत ने आवेदन प्रस्तुत किया है और नोटिस भी जारी किया है। यह 800 साल पुरानी दरगाह है। यह दुनिया भर में जानी जाती है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती एक सूफी शख्स थे, जिन्होंने लोगों की सेवा की और सभी धर्मों के लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। नजीमुद्दीन ने फिक्र का इज़हार करते हुए कहा, "हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यह है कि निचली अदालतों ने इस तरह के आवेदन स्वीकार कर लिए हैं।