अजमेर और संभाल के बीच अब हिंदुत्ववादी संगठनों ने बदायूं की जामा मस्जिद को नीलकंठ का मंदिर बता कर विवाद खड़ा करने की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश में एक ओर मस्जिद भगवा ब्रिगेड के निशाने पर है। उत्तर प्रदेश के शहर बदायूं में मौजूद जामा मस्जिद पर नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। यह मामला अदालत में पहुंच गया है। मामला सुनने लायक है या नहीं इस पर बहस हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी।
हिंदू महासभा के वकील विवेक रेंडर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि केस सुनवाई योग्य है या नहीं, इसको लेकर कोर्ट में बहस चल रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि कोई संपत्ति पुरातत्व विभाग की है उस पर विशेष उपासना स्थल अधिनियम, 1991 लागू नहीं होता है।
मस्जिद की प्रबंधक कमेटी के वकील का कहना है कि यह मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है। जिसमें उन्होंने हमें पार्टी बनाया है उसमें लिखा है मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई, जिसका कोई अस्तित्व नहीं। उसकी तरफ से कोई मुकदमा दायर नहीं कर सकता। सरकार के गजेटियर में लिखा है कि जामा मस्जिद धरोहर है। केवल बदायूं के कुछ खास मेंटालिटी के अधिकारियों ने साल 2004-2005 में ऐसा लिख दिया था। दूसरा पक्ष कोई गजेटियर पेश नहीं कर रहा। केवल शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए ऐसा किया गया है।