अमेरिका और पश्चिमी जगत के समर्थन को फिलिस्तीन और लेबनान में अपने किसी भी उद्देश्य में सफलता नहीं मिली और थक हार कर सिर्फ दो महीने बाद ही हिज़्बुल्लाह से सीज़ फायर करना पड़ा। अब अमेरिका और अवैध राष्ट्र ने प्रतिरोध और ईरान के बीच पुल का काम करने वाले सीरिया में अपनी कठपुतली सरकार बिठाने के लिए असद को सत्ता से हटाने और अपने मोहरों को लाने के लिए आतंकी संगठनों को एकजुट कर सीरिया सरकार के खिलाफ उतार दिया है। और इस काम में उसकी मदद करने के लिए तुर्की फिर सबसे आगे आगे है। दिलचस्प बात यह है कि फिलिस्तीन की मुक्ति के लिए जंग कर रहे हमास और हिज़्बुल्लाह को आतंकी बताने वाले पश्चिमी देश सीरिया में आतंक मचा रहे ISIS, अलक़ायदा, तहरीरुश्शाम, फ्री सीरियन आर्मी, SDF और दूसरे तकफ़ीरी आतंकी गुटों को क्रांतिकारी बता रहे हैं।