देश भर में मस्जिदों और मुस्लिम समुदाय के धर्म स्थलों के खिलाफ हिंदुत्ववादी संगठनों के बढ़ते हमले और मंदिर के दावों की याचिका और उस पर निचली अदालत की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए AIMPLB ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट की दुहाई देते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है।
देश के कई हिस्सों में मस्जिदों और दरगाहों पर दावे के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सुप्रीम कोर्ट को पात्र लिखते हुए उससे दखल की मांग की है। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह इस तरह के दावों पर निचली अदालतों को सुनवाई से रोकने के लिए कदम उठाएं। बोर्ड ने बयान में कहा है कि संसद की तरफ से पास कानून को प्रभावी तौर से लागू करना केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। ऐसा न होने पर हालात खराब हो सकते हैं, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार जिम्मेदार होंगे।