ग़ज़्ज़ा में 50000 से अधिक मुसलमानों के क़त्लेआम पर भी इस्राईल के विरुद्ध कोई एक्शन न लेने वाले तुर्की और यूएई ने एक हत्यारे ज़ायोनी सैनिक के क़त्ल के बाद मुस्तैदी दिखाते हुए उसे जहन्नम रसीद करने वाले व्यक्ति को ढूंढ निकाला।
तुर्की और यूएई ने इस्राईल नवाज़ी के नए आयाम स्थापित किये हैं। अमीरात ने ज़ायोनी सैन्य रब्बी "ज़वी कोगन" की हत्या पर उनके परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया, जबकि 50,000 फ़िलिस्तीनियों की हत्या पर अमीरात की ओर से ऐसी कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी गई है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने हत्या में कथित रूप से शामिल लोगों को गिरफ्तार करने में सहयोग के लिए तुर्की को भी धन्यवाद दियाऔर एक संदिग्ध की गोली मार कर हत्या भी कर दी।
ध्यान दिया जाना चाहिए कि ज़ायोनीवादी रब्बी ज़वी कोगन चबाड नामक चरमपंथी यहूदी संगठन का सदस्य था। इस संगठन ने ग़ज़्ज़ा में उत्पीड़ित फिलिस्तीनी लोगों के नरसंहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।