قال الامام الصادق علیه السلام:
إفتَتِحْ سَفَركَ بِالصَّدقَةِ وَ اخرُجْ اِذا بَدالَك فَاِنَّكَ تَشترَیِ سَلامَةَ سَفَرِكَ
بحارالانوار، ج 100، ص 103
:इमाम जफ़र सादिक़ अस
अपने सफर का आरंभ सदक़ा देने से करो और इस तरह अपनी सुरक्षा और सलामती को यक़ीनी बना लो।
........इस तरह अपनी सुरक्षा और सलामती को यक़ीनी बना लो।
قال الامام الصادق علیه السلام:
إفتَتِحْ سَفَركَ بِالصَّدقَةِ وَ اخرُجْ اِذا بَدالَك فَاِنَّكَ تَشترَیِ سَلامَةَ سَفَرِكَ
بحارالانوار، ج 100، ص 103
:इमाम जफ़र सादिक़ अस
अपने सफर का आरंभ सदक़ा देने से करो और इस तरह अपनी सुरक्षा और सलामती को यक़ीनी बना लो।