पिछले एक साल से भी अधिक समय से फिलिस्तीन में जनसंहार कर रहे इस्राईल ने हैवानियत की सभी हदें लांघते हुए हज़ारों लोगों की जान ले ली है। हैवानियत का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामले में इस्राईल ने एक अस्पताल पर हमला करते हुए कम से कम 88 लोगों की जान ले ली।
अस्प्तालों और स्कूलों के अलावा ज़ायोनी सेना ने बेघर लोगों के लिए बने कैंप पर बार-बार हमले किए हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बेगुनाह लोगों की मौत हुई है। ज़ायोनी सेना का कहना है कि वह हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक हमले करता है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचने की कोशिश करता है।
उत्तरी ग़ज़्ज़ा में दो अलग-अलग जगह हवाई हमलों में कम से कम 88 लोग मारे गए, जिनमें दर्जनों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। फिलिस्तीनी चिकित्साधिकारियों और एक हॉस्पिटल डाइरेक्टर के अनुसार घायलों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि ज़ायोनी बलों ने दर्जनों डॉक्टरों को हिरासत में रखा हुआ है।