27 अक्टूबर 2024 - 12:15
  सच्चे और कामिल ईमान की विशेषता

ईमान उस समय तक सच्चा और पूरा नहीं होता जब तक उसका इत्मीनान और भरोसा अपने से अधिक उस पर न हो जो ........

:قال امیر المؤمنين عليه السلام

لا يَصْدُقُ إيمانُ عبدٍ حتّى يَكونَ بما في يَدِ اللّه ِ سبحانه أوْثَقَ مِنه بما في يَدِهِ

بحارالانوار، 103 / 37/ 79

अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अ.स. ने फ़रमाया : 

किसी इंसान का ईमान उस समय तक सच्चा और पूरा नहीं होता जब तक उसका इत्मीनान और भरोसा अपने से अधिक उस पर न हो जो अल्लाह के पास है।