18 सितंबर 2024 - 14:27
रसूले इस्लाम और मोमिन शायर

मोमिन शायर ऐसे हैं जैसे अपने शेरो के ज़रिये दुश्मन पर तीर बरसाते हैं।

:قال رسول اللہ صلی اللہ علیه وآله وسلم

إنّ المُؤمِنَ مُجاهِدٌ بِسَيفِهِ و لِسانِهِ والذي نَفسي بيدِهِ لَكأنّما يَنضِحُونَهم بِالنَّبلِ

مجمع البیان : 326 / 7

रसूले इस्लाम स.अ. ने फ़रमाया:

बेशक मोमिन अपनी तलवार और ज़बान से जिहाद करता है। मुझे उसकी क़सम जिसके क़ब्ज़े में मेरी जान है मोमिन शायर ऐसे हैं जैसे अपने शेरो के ज़रिये दुश्मन पर तीर बरसाते हैं।