साल 2025 जनवरी में इलाहबाद (अब प्रयागराज) में भारत के सबसे बड़े धार्मिक समारोह महाकुंभ का आयोजन होना है। मेला प्रशासन और सभी 13 अखाड़े भी इसे लेकर तैयारी में लगे हुए हैं। इस बीच महाकुंभ के आकर्षण शाही स्नान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। बहस शाही स्नान के शाही शब्द पर छिड़ी है।
अखाड़ो की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने बयान जारी कर कहा कि शाही शब्द उर्दू का है और इसे मुगलों ने गढ़ा था। उन्होने कहा यह शब्द गुलामी का प्रतीक है इसे बदला जाना चाहिए।