19 जुलाई 2024 - 01:55
आदिवासी नही हैं हिंदू, अलग प्रदेश की मांग ने जोर पकड़ा

मेनका डामोर ने अपने संबोधन में कहा कि अब से सभी को व्रत रखना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि हम हिंदू नहीं हैं।

राजस्थान के आदिवासी समुदाय ने 'भील प्रदेश' की मांग को लेकर बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में महारैली की। प्रदेश में तेज गर्मी और उमस के बीच आदिवासी समुदाय की इस महारैली के बाद प्रदेश का सियासी पारा बढ़ गया है।

आदिवासी समुदाय की मांग के मुताबिक, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के 49 जिलों को मिलाकर 'भील प्रदेश'नाम से नए राज्य का गठन किया जाए।

18 जुलाई को बांसवाड़ा में हुई महारैली के लिए 35 आदिवासी संगठनों ने इस रैली का आह्वान किया था।

इसमें में भील सोसायटी की सबसे बड़ा संगठन आदिवासी परिवार भी शामिल था। इस मौके पर आदिवासी परिवार संस्था की संस्थापक सदस्य मेनका डामोर ने रैली में कहा, "आदिवासी समुदाय की महिलाओं को पंडितों के निर्देशों का पालन नहीं करना चाहिए।

मेनका डामोर ने कहा कि आदिवासी परिवार की महिलाएं सिंदूर नहीं लगाती हैं और न ही मंगलसूत्र पहनती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में आदिवासी समुदाय को सिर्फ शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेनका डामोर ने अपने संबोधन में कहा कि अब से सभी को व्रत रखना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि हम हिंदू नहीं हैं।