قال الامام الہادی علیہ السلام:
مَنْ اَطاعَ الخالِقَ لَمْ یُبالِ سَخَطَ المَخْلُوقینَ وَ مَنْ اَسْخَطَ الخالِقَ فَلْیَیْقَنْ اَنْ یَحِّلَ بِهِ سَخَطُ المَخْلُوقینَ.
تحف العقول، ص 482
हज़रत इमाम अली नक़ी अ.स. ने फ़रमाया :
जो इंसान अल्लाह की इताअत और पैरवी करे उसे मख्लूक़ और जनता की नाराज़गी की फ़िक्र नहीं होगी। जो अल्लाह को नाराज़ कर दे उसे मालूम होना चाहिए कि लोग भी उस से ग़ज़बनाक होंगे (मतलब लोग उस से कभी राज़ी नहीं हो सकेंगे।)