13 जून 2024 - 04:08
मुसलमानों को साधने की कोशिश, महाराष्ट्र में फिर उठी आरक्षण की मांग

अजीत पवार ख़ेमे के नेता, पार्टी उपाध्यक्ष सलीम सारंग ने आंध्रप्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी की तर्ज पर महाराष्ट्र में मुलसमानों के लिए नौकरियों और शिक्षा के अलावा राजनीतिक आरक्षण की मांग की है। मांग के साथ आंदोलन सड़क तक लाने की चेतावनी भी दी है।

शारद पवार को झटका देकर पार्टी को तोड़ भाजपा के साथ आने वाले अजित पवार को लोकसभा चुनाव में ज़ोर का झटका लगा है। लोकसभा के ख़राब नतीजों के आँकलन के लिए हालिया पार्टी बैठक में अजीत पवार ख़ुद मान चुके हैं कि मुसलमान वोटर उनसे दूर चले गये हैं।

लोकसभा चुनाव में अजित पवार गुट पार्टी एनसीपी 4 सीटों पर लड़ी, जिसमें सिर्फ 1 ही सीट पर ही जीत पाई है। ऐसे में पार्टी मुस्लिम वोटर्स को लुभाने के लिए सरकार से महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण की मांग कर रही है।

 एक तरफ़ मराठा आरक्षण की आग फिर सुलग रही है। मनोज ज़रांगे के अनशन ने राजनीतिक दलों के पसीने छुड़ाने शुरू कर दिये हैं, तो दूसरी ओर मुस्लिम आरक्षण की माँग चल पड़ी है। सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति की सहयोगी दल एनसीपी अजीत पवार गुट ही अब सरकार को आंख दिखा रही है। जानकार कह रहे हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले की यह कसरत मुस्लिम वोटरों को साधने की कोशिश है।

अजीत पवार ख़ेमे के नेता, पार्टी उपाध्यक्ष सलीम सारंग ने आंध्रप्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी की तर्ज पर महाराष्ट्र में मुलसमानों के लिए नौकरियों और शिक्षा के अलावा राजनीतिक आरक्षण की मांग की है। मांग के साथ आंदोलन सड़क तक लाने की चेतावनी भी दी है।