11 जून 2024 - 06:16
 नमाज़ी शिया की बरकतें

अगर हमारे शिया बे-नमाज़ी होते तो सब हलाक हो जाते।

قال الامام الصادق علیه السلام:

إِنَّ اللَّهَ لَیَدْفَعُ بِمَنْ یُصَلِّی مِنْ شِیعَتِنَا عَمَّنْ لَا یُصَلِّی مِنْ شِیعَتِنَا وَ لَوْ أَجْمَعُوا عَلَى تَرْكِ الصَّلَاةِ لَهَلَكُوا؛

الکافی، ج 2 ، ص 251

इमाम जफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया:

बेशक अल्लाह तआला हमारे नमाज़ी शियों के ज़रिये हमारे बे-नमाज़ी शियों पर से भी मुसीबतों और बलाओं को टालता रहता है। अगर हमारे सब शिया बे-नमाज़ी होते तो सब हलाक हो जाते।