8 जून 2024 - 08:14
फ़क़ीरी और तंगदस्ती के ख़ौफ़ से शादी न करने वाला

क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है कि अगर वह वह फ़क़ीर हों तो अल्लाह उन्हें अपने फ़ज़्लो करम से बेनियाज़ बना देगा।

قال الامام الصادق علیہ السلام:

مَنْ تَرَكَ التَّزْويجَ مَخافَةَ الْفَقْرِ فَقَدْ اَساءَ الظَّنَّ بِاللّهِ ـ عَزَّ وَ جَلَّ ـ ، اِنَّ اللّهَ ـ عَزَّ وَ جَلَّ ـ يَقُولُ: «اِنْ يَكُونُوا فُقَـراءَ يُغْنِـهِمُ اللّهُ مِـنْ فَضْـلِهِ».

من لایحضرہ الفقیه، ج 3، ص 251

इमाम जफ़र सादिक़ अ.स. ने फ़रमाया :

जिस ने फ़क़्र और तंगदस्ती के डर से शादी न की तो गोया उसने अल्लाह से सूए ज़न और बदगुमानी की। क्योंकि अल्लाह तआला का फरमान है कि अगर वह वह फ़क़ीर हों तो अल्लाह उन्हें अपने फ़ज़्लो करम से बेनियाज़ बना देगा।