7 जून 2024 - 11:27
सच्चे दोस्त की पहचान

अगर वह दो सिफत उनमे पाई जाती हों तो उन से दोस्ती को आगे बढ़ाओ वर्ना उनसे दूर रहो ! दूर रहो दूर रहो !

قال الامام الصادق علیه السلام:

إخْتَبِرُوا إخْوانَكُمْ بِخَصْلَتَينِ: فَإنْ كانَتا فيهِمْ وَإلاّ فَأعْزُبْ ثُمَّ اَعْزُبْ ثُمَّ أعْزُبْ: ألْمُحافَظَةُ عَلَى الصَّلَواتِ فى مَواقيتِها وَالبِرُّ بِالإخْوانِ فِى العُسْرِ وَاليُسْرِ

وسائل الشیعہ، ج 8، ص 503

इमाम जफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया :

अपने भाईयों को दो सिफ़तों से पहचानो। अगर वह दो सिफत उनमे पाई जाती हों तो उन से दोस्ती को आगे बढ़ाओ वर्ना उनसे दूर रहो ! दूर रहो दूर रहो !

1. नमाज़ की अव्वले वक़्त पाबंदी

2. सख्ती और तंगदस्ती में और आराम और खुशहाली में अपने दीनी भाईयों के साथ अच्छा सुलूक और नेकी