قال أمیرالمؤمنین علی علیه السلام
تَّقُوا اللّه َ فی عِبادِهِ و بِلادِهِ فإنّکُم مَسؤولُونَ حتّی عنِ البِقاعِ و البَهائمِ، أطِیعُوا اللّه َ و لا تَعصُوهُ
نہج البلاغه: الخطبه ۱۶۷
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया :
अल्लाह से उसके बन्दों और उसके शहरों के बारे में भी डरते रहो इसलिए कि तुम से हर चीज़ के बारे में सवाल किया जाएगा। यहाँ तक कि ज़मीनों और जानवरों के बारे में भी। अल्लाह की इताअत करो और उसकी नाफरमानी मत करो।