4 जून 2024 - 09:53
उलमा का मर्तबा

जब सितारे ओझल हो जाते हैं तो रास्ता जानने वाले भी रास्ता भटकने लगते हैं।

قال رسول الله صلی الله علیه وآله وسلم:

إنّ مَثَلَ العُلَماءِ كمَثَلِ النُّجومِ في السّماءِ يُهتَدى بِها في ظُلُماتِ البَرِّ و البَحرِ، فإذا انطَمَسَتِ النُّجومُ أوشَكَ أن تَضِلَّ الهُداةُ

بحارالأنوار

रसूले इस्लाम स.अ. ने फ़रमाया

उलमा की मिसाल आसमान के सितारों की मानिंद है जिनके माध्यम से समंदर और बयाबान में रास्तों की पहचान होती है। जब सितारे ओझल हो जाते हैं तो रास्ता जानने वाले भी रास्ता भटकने लगते हैं।