قال الامام الھادی علیه السلام
إذا أخلَصتَ فی طاعَةِ اللّهِ، وَاعتَرَفتَ بِرَسولِ اللّهِ (ص) و بِحَقِّنا أهلَ البَیتِ، وسَأَلتَ اللّهَ ـ تَبارَک وتَعالی ـ شَیئا لَم یحرِمک
الأمالی للطوسی: ص 286، ح 555
इमाम हादी अलैहिस्सलाम ने फरमाया :
अगर तुमने खुलूसे नीयत से अल्लाह की इताअत की ( वाजिबात और हराम में अल्लाह की इताअत का ख्याल रखा) रसूले इस्लाम स.अ. और हमारी हक़्क़ानियत को क़ुबूल किया और फिर अल्लाह से किसी चीज़ का सवाल किया तो अल्लाह तआला तुम्हे महरूम नहीं करेगा।