30 मई 2024 - 10:06

कभी भी मांग को उसका छोटा होने की वजह से न छोड़ो, सवाल करो क्योंकि छोटे सवाल और दुआओं को क़ुबूल करने वाला वही है जो बड़ी दुआओं को क़बूल करता है।

عَن أبى عَبدِاللّه جَعْفَر بن مُحَمَّد عليهماالسلام قالَ سَمِعتُهُ يَقُولُ: عَلَيْكُمْ بِالدُّعاءِ فَاِنَّكُمْ لاتَتَقَرَّبُونَ بِمِثْلِهِ وَ لاتَتْرُكُوا صَغيرَةً لِصِغَرِها أَنْ تَسأَلُوها فَإِنَّ صاحِبَ الصِّغارِ هُوَ صاحِبُ الكِبارِ

 [امالى مفيد، مجلس دوم ح 9 ص 31]

सैफ़ तम्मार कहते हैं कि मैंने इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम को यह कहते हुए सुना: दुआ से कभी हाथ मत खींचो क्योंकि तुम दुआ की तरह किसी और चीज़ की मदद से अल्लाह के करीब नहीं पहुंच पाओगे। कभी भी मांग को उसका छोटा होने की वजह से न छोड़ो, सवाल करो क्योंकि छोटे सवाल और दुआओं को क़ुबूल करने वाला वही है जो बड़ी दुआओं को क़बूल करता है।