27 मई 2024 - 10:23
नमाज़ी और रोज़ेदार मुनाफ़िक़

तीन चीज़ें जिसमें पाई जाती हैं, वह मुनाफ़िक़ और पाखंडी है, चाहे वह नमाज़ भी पढ़ता हो और रोज़े भी रखता हो।

قالَ الاِمامُ الصّادِقُ عليه السلام:

 ثَلاثٌ مَنْ كُنَّ فيهِ فَهُوَ مُنافِقٌ وَاِنْ صامَ وَصَلّى: مَنْ اِذا حَدَّثَ كَذِبَ وَاِذا وَعَدَ اَخْلَفَ وَ اِذَا ائْتـُمِنَ خـانَ.

 [تحف العقول/ 229.]

इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं: तीन चीज़ें जिसमें पाई जाती हैं, वह मुनाफ़िक़ और पाखंडी है, चाहे वह नमाज़ भी पढ़ता हो और रोज़े भी रखता हो।

वह इंसान जो बात करे तो झूठ बोले, वादा करे तो उसे तोड़ देता हो, और वह इंसान जब उसके पास कोई अमानत रखे तो वह अमानत में ख़यानत करे।