भारतीय चुनाव आयोग ने हैरानीभर क़दम उठाते हुए विपक्षी दलों को केंद्र सरकार की विवादास्पद अग्निवीर योजना पर राजनैतिक दलों को बयानबाज़ी से रोकने का फरमान सुनाया है।
चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कांग्रेस को अग्निपथ योजना के नाम पर सेना पर सियासत से परहेज करने का निर्देश दिया है। आयोग के इस फैसले पर पार्टी के नेता पी. चिदंबरम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी को अग्निवीर योजना का राजनीतकरण नहीं करने का निर्देश देकर बहुत गलत किया है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने जाति, धर्म, समुदाय, संविधान और अग्निवीर योजना को लेकर सियासत करने पर सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को फटकार लगाई थी।
कांग्रेस के वरिष्ट नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस को अग्निवीर योजना को लेकर राजनीति नहीं करने का निर्देश देना गलत है।" कांग्रेस नेता ने कहा, "राजनीतिकरण का मतलब क्या है? क्या ईसीआई का मतलब आलोचना है? अग्निवीर एक योजना है। सरकार की नीति की देन है। सरकार की नीतियों को घेरना, उस पर राजनीति करना और यह कहना कि जब विपक्ष सत्ता में आएंगा तो इसे खत्म कर देगा, विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का अधिकार है।"
चिदंबरम ने कहा, "सैनिक जो एक साथ मिलकर लड़ते हैं, उन्हें अग्निवीर योजना दो श्रेणियों में बांटता है। यह गलत है। अग्निवीर को चार साल के लिए नौकरी पर रखा जाता है, और इसके बाद उन्हें बिना किसी नौकरी और पेंशन के बाहर कर दिया जाता है। यह गलत है। सैनिकों द्वारा भी अग्निवीर योजना का विरोध किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस योजना को उन पर थोप रही है, जो कि गलत है।" उन्होंने कहा कि एक नागरिक होने के नाते उनका यह कहने का अधिकार है कि चुनाव आयोग गलत है।