इमाम रज़ा अ.स. ने फ़रमाया
"مِنْ عَلاماتِ الفِقْهِ الحِلْمُ وَالعِلْمُ، وَالصَّمْتُ؛ إنَّ الصَّمْتَ بابٌ مِنْ أبْوابِ الحِكْمَةِ؛ إنَّ الصَّمْتَ يَكْسبُ المَحَبَّةَ، إنَّهُ دَليلٌ عَلَى كُلِّ خَيرٍ؛
ابن شعبہ حرانی، تُحَفُ العقول، ص۴۶۹۔
दीन फहमी की निशानियों में हिल्म, इल्म और ख़ामोशी शामिल हैं। ख़ामोशी हिकमत के दरवाज़ों में से एक है। ख़ामोशी मोहब्बत और दोस्ती कमाती है और हर नेकी की तरफ राहनुमाई फ़राहम करती है।