17 मई 2024 - 07:06
दारुल उलूम देवबंद में महिलाओं के दाखिले पर पाबंदी

यहां आने वाली औरतें रील बनाकर सोशल मीडिया पर उसे शेयर करते थीं, जिसके वजह से पूरे देश में इस इरादा की छवि खराब हो रही थी। इसके साथ ही यहां पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी।

दारुल उलूम देवबंद ने महिलाओं की एंट्री पर बैन लगा दिया है। कहा जा रहा है कि इस संस्था ने यह पाबंदी औरतों और महिलाओं द्वारा रील बनाए जाने के बाद लगाई है। दारुल उलूम देवबंद का कहना है कि औरतों के रील बनाने की वजह से यहां पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है।

मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया, "यह फैसला सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो को देखते हुए लिया गया है। दारुल उलूम में औरतों के एंट्री को बैन कर दिया है। यहां आने वाली औरतें रील बनाकर सोशल मीडिया पर उसे शेयर करते थीं, जिसके वजह से पूरे देश में इस इरादा की छवि खराब हो रही थी। इसके साथ ही यहां पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी।

यह जगह एक तालीमगाह है, जहां बच्चे एजुकेशन हासिल करते हैं। सीख्शा केंद्र में इस तरह से रील बनाना स्टूडेंट्स के लिए बेहतर नहीं होता है। चूंकि यहां नया सेशन शुरू होने वाला है, इसलिए महिलाओं की एंट्री पर बैन लगाने का फैसला लिया गया है। स्टूडेंट्स ने इस बात को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराई थी।