भारत और फ़्रांस ने रक्षा संबंधों की मजबूती के लिए सोमवार से संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘शक्ति’ का सातवां संस्करण शुरू कर दिया है। मेघालय के उमरोई में यह अभ्यास 13 से 26 मई तक चलेगा। इससे पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान 22 से 25 अप्रैल तक फ्रांस का दौरा कर चुके हैं।
भारतीय सेना ने कहा कि इस अभ्यास का लक्ष्य दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। इसके इसके अलावा संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच अंतरसंचालनीयता क्षमता और सौहार्दपूर्ण व्यवहार का विकास होगा।
भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास ईएक्स शक्ति 2021 का छठा संस्करण नवंबर 2021 में फ्रांस के मिलिट्री स्कूल ऑफ ड्रैगुइग्नान में हुआ था। इस अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व तीन अधिकारियों, तीन जूनियर कमीशंड अधिकारियों और गोरखा राइफल्स और सपोर्ट आम्स के 37 जवानों की एक संयुक्त टीम ने किया था।
इस संबंध में भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ ने उद्घाटन समारोह में भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस साल का संयुक्त अभ्यास यूनाइटेड नेशंस के आदेश के तहत सेमी- अर्बन और पहाड़ी इलाकों में ट्रेनिंग देने पर केंद्रित है और यह कार्यक्रम 26 मई तक चलेगा।
यह पिछले एडिशन की तुलना में ज्यादा जटिल है क्योंकि इसमें पहले की तुलना में दोगुने सैनिक तैनात किए गए हैं। इसकी शुरुआत ब्रिगेड स्तर के कमांड पोस्ट से हुई है और इसमें पहली बार वायु सेना के साथ-साथ नौसेना और वायु सेना के पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।