31 मार्च 2024 - 07:34
बीसवीं रमज़ान की दुआ

मुझ पर जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दे और मुझे क़ुर्आन की तिलावत की तौफ़ीक़ दे,


اَللّهُمَّ افْتَحْ لِی فِیهِ أَبْوَابَ الْجِنَانِ وَ أَغْلِقْ عَنِّی فِیهِ أَبْوَابَ النِّیرَانِ وَ وَفِّقْنِی فِیهِ لِتِلاوَةِ الْقُرْآنِ یا مُنْزِلَ السَّکینَةِ فِی قُلُوبِ الْمُؤْمِنِینَ

ख़ुदाया आज के दिन मेरे लिए जन्नत के दरवाज़े खोल दे और मुझ पर जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दे और मुझे क़ुर्आन की तिलावत की तौफ़ीक़ दे, ऐ ईमान वालों के दिलों की ठंडक।