اَللّهُمَّ وَفِّرْ فِیهِ حَظِّی مِنْ بَرَکاتِهِ وَ سَهِّلْ سَبِیلِی إِلَی خَیرَاتِهِ وَ لاتَحْرِمْنِی قَبُولَ حَسَنَاتِهِ یا هَادِیا إِلَی الْحَقِّ الْمُبِینِ
ख़ुदाया आज के दिन इस महीने की बरकतों में मेरा हिस्से को बढ़ा दे और भलाई करने के लिए मेरी राह आसान कर दे और नेकियों के क़ुबूल करने से मुझे महरूम मत कर, ऐ रौशन हक़ की तरफ़ हिदायत करने वाले।