23 मार्च 2024 - 23:07
तेरहवीं रमज़ान की दुआ

अपनी मदद से मुझे परहेज़गारी और नेक लोगों के साथ रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमा, ऐ मिसकीनों की आंखों की ठंडक।


اَللّهُمَّ طَهِّرْنِی فِیهِ مِنَ الدَّنَسِ وَ الْأَقْذَارِ وَ صَبِّرْنِی فِیهِ عَلَی کائِنَاتِ الْأَقْدَارِ وَ وَفِّقْنِی فِیهِ لِلتُّقَی وَ صُحْبَةِ الْأَبْرَارِ بِعَوْنِک یا قُرَّةَ عَینِ الْمَسَاکینِ

ख़ुदाया आज मुझे गंदगी और नजासत से पाक कर दे और तक़दीर में लिखी मुश्किलों पर सब्र दे और अपनी मदद से मुझे परहेज़गारी और नेक लोगों के साथ रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमा, ऐ मिसकीनों की आंखों की ठंडक।