22 मार्च 2024 - 08:42
ग्यारहवीं रमज़ान की दुआ

अपने ग़ुस्से और जहन्नम की आग को मुझ पर हराम कर दे, अपनी मदद से ऐ फ़रयादियों की फ़रियाद सुनने वाले।


اَللّهُمَّ حَبِّبْ إِلَی فِیهِ الْإِحْسَانَ وَ کرِّهْ إِلَی فِیهِ الْفُسُوقَ وَ الْعِصْیانَ وَ حَرِّمْ عَلَی فِیهِ السَّخَطَ وَ النِّیرَانَ بِعَوْنِک یا غِیاثَ الْمُسْتَغِیثِینَ

ख़ुदाया आज के दिन नेकी को मेरे लिए लिए पसंदीदा और गुनाह और मासियत को ना पसंद क़रार दे और अपने ग़ुस्से और जहन्नम की आग को मुझ पर हराम कर दे, अपनी मदद से ऐ फ़रयादियों की फ़रियाद सुनने वाले।