संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक नोट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध संगठनों द्वारा तैयार की गई खाद्य सुरक्षा चरणबद्ध वर्गीकरण रिपोर्ट ग़ज़्ज़ा की मौजूदा स्थिति के बारे में उनके गहरे डर और चिंता को दर्शाती है। रसेल ने कहा कि ग़ज़्ज़ा की मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए विश्व समुदाय को तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की खाद्य सुरक्षा वर्गीकरण रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी ग़ज़्ज़ा पट्टी के 70% निवासी गंभीर और विनाशकारी भूख का सामना कर रहे हैं।
ज़ायोनी शासन मानवीय सहायता को ग़ज़्ज़ा पट्टी पहुँचने से रोक रहा है, विशेष रूप से उत्तरी ग़ज़्ज़ा पट्टी तक कोई सहायता नहीं पहुँच रही है। अगर ग़ज़्ज़ा तक कोई सहायता पहुँच भी रही है तो बेहद सीमित मात्रा में है।
इस पट्टी में 2.3 मिलियन फिलिस्तीनी सबसे कठिन परिस्थितियों में हैं और उनके पास पानी, भोजन, दवा और ईंधन तक पहुंच नहीं है।