दिल्ली की ऐतिहासिक सुनहरी बाग मस्जिद को ढहाए जाने के NDMC के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हुई। मस्जिद पक्ष के वकील फिरोज इकबाल ने बताया कि जज के छुट्टी पर होने की वजह से मामले की सुनवाई 11 तारीख के लिए टाल दी गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन दत्ता की कोर्ट में होनी है।
फिरोज इकबाल ने बताया, NDMC की तरफ से जो नोटिस दी गई है, वो संदेहास्पद है। उसमें न कोई एक्ट बताया गया है, न कोई तारीख लिखी हुई है। इसके अलावा मस्जिद हेरिटेज लिस्ट में शामिल है बल्कि मस्जिद के साथ वो चौराहा भी हेरिटेज है।
नई दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम मोहिब्बुल्लाह नदवी का कहना है, ये मस्जिद भारत की आजादी के सन्दर्भ में भी महत्वपूर्ण है। फ्रीडम फाइटर और इस्लामिक स्कॉलर हसरत मोहानी जो सांसद भी रहे हैं, वे भी हमेशा इसी मस्जिद में नमाज अदा करते हैं।
मौलाना आजाद भी यहीं नमाज पढ़ते थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए भी यहीं से दुआ मांगी थी। क्या हम अपने फ्रीडम फाइटर्स की निशानी को मिटाने में लगे हैं?
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 28 दिसंबर को NDMC को लेटर लिखकर सुनहरी मस्जिद हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। उन्होंने लिखा कि इतनी पुरानी मस्जिद हटाई जाती है, तो इससे भारत की विरासत को नुकसान पहुंचेगा।
ओवैसी ने लिखा है कि मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व है। NDMC का काम विरासत को संरक्षित करना है, लेकिन वो अपने काम की अनदेखी कर रहा है। सांसद दानिश अली और कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी NMDC के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है।
बता दें कि अपने दौर के मशहूर शायर और आजादी की लड़ाई में शामिल रहे हसरत मोहानी जब भी दिल्ली आते थे, सुनहरी मस्जिद में ही रुकते थे। मोहानी ने ही 1921 में 'इंक़लाब ज़िंदाबाद' का नारा दिया था।