भारत ने ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बर हमलों के बीच फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएनआरडब्ल्यूए को 25 लाख डॉलर की दूसरी किस्त जारी कर दी है। भारत ने इस तरह 2023-24 के लिए 50 लाख डॉलर की अपनी वार्षिक प्रतिबद्धता को पूरा कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूएनआरडब्ल्यूए के एक प्रवक्ता तमारा अलरिफाई ने बताया कि यूएनआरडब्ल्यूए को भारत का योगदान इस कठिन समय के दौरान और पूरे क्षेत्र में, विशेष रूप से ग़ज़्ज़ा में भारी जरूरतों को देखते हुए, स्वागतयोग्य हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने यूएन एजेंसी में पिछले पांच वर्षों में लगभग 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया है। इससे पहले 19 नवंबर को भारत ने मिस्र के माध्यम से फिलिस्तीन के लोगों को 32 टन मदद पहुंचाई थी। 2018 से भारत ने यूएनआरडब्ल्यूए को 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं।
ग़ौर तलब है कि 1950 से कार्यरत यूएनआरडब्ल्यूए पंजीकृत फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए प्रत्यक्ष राहत कार्य करता है। इसका वित्तपोषण लगभग पूरी तरह संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों द्वारा स्वैच्छिक योगदान से होता है।