विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने ग़ज़्ज़ा में जारी जनसंहार को रोकने की अपील करते हुए कहा कि मैं गिनती भूल गया हूं कि कितनी बार मैंने सोचा था कि ग़ज़्ज़ा संकट और बदतर और इस से भयंकर नहीं हो सकता। लेकिन मैं देखता है ऐसा फिर से हुआ। पिछले दो महीनों में इस क्षेत्र में हताहतों की संख्या बेहद भयावह और मानवता के ख़िलाफ़ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने ग़ज़्ज़ा में हर दिन औसतन लगभग 300 लोगों की मौत का ज़िक्र करते हुए कहा कि "पृथ्वी के इस नरक में फंसे लोगों के लिए मुसीबतें और आतंक अंतहीन है।
उन्होंने ग़ज़्ज़ा पट्टी में दम तोड़ चुकी चिकित्सा प्रणाली की भयानक स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि 30 में से केवल 9 अस्पताल ही थोड़ा बहुत सक्रिय हैं, जबकि ग़ज़्ज़ा पट्टी के उत्तर में कोई अस्पताल बाक़ी नहीं बचा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस अधिकारी ने अपने X पोस्ट में लिखा, 20 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले चुके इस नरसंहार को रोका जाना चाहिए। हमें अब युद्धविराम की जरूरत है।