ग़ज़्ज़ा में जारी युद्ध को तत्काल रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की आपात बैठक में एक प्रस्ताव पेश किया गया जिसे 153 देशों के समर्थन से पास कर दिया गया। भारत समेत 153 देशों ने ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम के पक्ष में मतदान किया। जबकि अमेरिका और अतिक्रमणकारी इस्राईल के नेतृत्व में ग्वाटेमाला, लाइबेरिया, माइक्रोनेशिया, नाउरू, पापुआ न्यू गिनी और परागुआ जैसे दस देशों ने इसके विरोध में मतदान किया।
इससे पहले, मिस्र के राजदूत अब्देल खालेक महमूद ने ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम के लिए यूएन महासभा में प्रस्ताव पेश किया। मिस्र ने अपने प्रस्ताव में पिछले सप्ताह सुरक्षा परिषद में युद्धविराम के आह्वान पर अमेरिका के वीटो की निंदा की। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह मानवीय आधार पर युद्धविराम मसौदा प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का गलत उपयोग किया गया था, जबकि इसे 100 से अधिक सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त था।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत ने यूएन महासभा द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा में बहुत बड़ा मानवीय संकट पैदा हुआ है। बड़े पैमाने पर नागरिकों की जानें गई हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सभी परिस्थितियों में अंतरराराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने का मुद्दा है। साथ ही लंबे समय से चले आ रहे फिलिस्तीन मसले का एक शांतिपूर्ण और स्थायी दो-राज्य समाधान खोजने का प्रयास किया जा रहा है।