24 नवंबर 2023 - 09:15
जर्मनी में फ़िलिस्तीन समर्थकों के घरों पर पुलिस की छापेमारी

जर्मन मंत्रालय ने दावा किया है कि हैम्बर्ग इस्लामिक सेंटर की गतिविधियों का उद्देश्य इस्लामिक गणराज्य ईरान के "क्रांतिकारी विचारों" को बढ़ावा देना है, जिसे जर्मन संविधान का उल्लंघन माना जाता है।

जर्मन पुलिस ने फ़िलिस्तीनी संगठनों और हमास का समर्थन करने का दावा करने वाले जर्मन नागरिकों के कई घरों पर छापे मारे।

जर्मन आंतरिक मंत्रालय ने घोषणा की है कि सुरक्षा बलों ने हमास समर्थकों के घरों की तलाशी ली है। बर्लिन में 13 स्थानों पर किये गए इस ऑपरेशन में 500 जर्मन सुरक्षा बलों ने हिस्सा लिया।

जर्मन गृह मंत्रालय ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों की तलाशी ली, उनके घरों से स्मार्टफोन, लैपटॉप और सभी दस्तावेज जब्त कर लिए। जर्मन गृह मंत्री का कहना है कि उनका देश 'चरमपंथी इस्लामवादियों' पर नकेल कस रहा है।

पिछले सप्ताह भी जर्मन पुलिस ने हिज़्बुल्लाह के साथ संभावित संबंधों के कारण हैम्बर्ग में एक इस्लामी संगठन के केंद्रों पर छापा मारा था।

जर्मन सरकार ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि पुलिस ने हैम्बर्ग के इस्लामिक सेंटर और IZH पर छापा मारा है।

जर्मन गृह मंत्रालय ने दावा किया कि देश की आंतरिक ख़ुफ़िया एजेंसी लंबे समय से "IZH" पर नज़र रख रही थी। जर्मन मंत्रालय ने दावा किया है कि हैम्बर्ग इस्लामिक सेंटर की गतिविधियों का उद्देश्य इस्लामिक गणराज्य ईरान के "क्रांतिकारी विचारों" को बढ़ावा देना है, जिसे जर्मन संविधान का उल्लंघन माना जाता है।

इसके अलावा, जर्मन अधिकारियों ने दावा किया कि यह केंद्र लेबनान में हिजबुल्लाह की गतिविधियों का समर्थन करता है। फ्रांस के बाद, जर्मनी यूरोप में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी की मेजबानी करता है, लेकिन कई रिपोर्टों से पता चलता है कि देश में इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है।