ज़ायोनी सेना 35 दिनों से ग़ज़्ज़ा पर हजारों टन बम बरसा चुकी है और इन हमलों में 11,000 से ज्यादा निर्दोष फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं।
35 दिनों से जारी इन हमलों को रोकने और ग़ज़्ज़ा पट्टी की घेराबंदी खत्म करने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के सदस्य आज एक असाधारण बैठक करेंगे।
इस्लामिक सहयोग संगठन के सदस्य 57 इस्लामिक देशों के नेता आज शनिवार 11 नवंबर को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में होने वाले 8वें आपातकालीन शिखर सम्मेलन में मिलेंगे, जिसमें वे फिलिस्तन संकट पर चर्चा करेंगे। और ग़ज़्ज़ा में आम लोगों पर ज़ायोनी सरकार के बर्बर हमलों को रोकने के लिए विचार करेंगे।
इस्लामिक सहयोग संगठन के बयान में कहा गया है कि यह असाधारण बैठक इस संगठन के मौजूदा प्रमुख के निमंत्रण पर हो रही है। उपरोक्त बयान में बताया गया है कि इस बैठक में फिलिस्तीनी लोगों पर इस्राईल के क्रूर और अभूतपूर्व हमलों पर चर्चा की जाएगी।
वहीं लेबनान के स्थानीय समय के मुताबिक 3 बजे हिज़्बुल्लाह लेबनान के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ग़ज़्ज़ा के हालात पर भाषण देंगे। एक बार फिर पूरी दुनिया की निगाहें सय्यद हसन नसरुल्लाह के बयान पर टिक गयी हैं जो ग़ज़्ज़ा युद्ध की दिशा तय कर सकता है।
वहीँ सीरियाई सूत्रों ने सीरियाई प्रेसीडेंसी के हवाले से खबर दी है की रियाज़ में इस्लामिक सहयोग संगठन की आपात बैठक में सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद भी हिस्सा लेंगे।