4 नवंबर 2023 - 05:24
हिज़्बुल्लाह अल अक़्सा तूफ़ान के बाद से ही मैदान में, फिलिस्तीन की जीत होगी इस्लामी दुनिया की जीत

अल अक़सा तूफ़ान सौ फीसदी फ़िलिस्तीनी आप्रेशन था मगर अब यह एक से अधिक मोर्चे और एक से अधिक मैदान में फैल चुका है। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह इस अभियान के एक दिन बाद यानी 8 अक्तूबर से ही ज़ायोनी शासन से युद्ध में शामिल है।


हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सय्यद हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण में ग़ज़्ज़ा युद्ध को लेकर कई अहम् पहलुओं को बयान किया।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अल अक़सा तूफ़ान सौ फीसदी फ़िलिस्तीनी आप्रेशन था मगर अब यह एक से अधिक मोर्चे और एक से अधिक मैदान में फैल चुका है। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह इस अभियान के एक दिन बाद यानी 8 अक्तूबर से ही ज़ायोनी शासन से युद्ध में शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस समय लेबनान की सीमा पर जो हालात हैं वो इतिहास में अभूतपूर्व हैं और यह भी तय है कि हम इसी स्तर पर रुकने वाले नहीं हैं। सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के कार्यवाही की वजह से दुश्मन सीमा पर भारी संख्या में सैनिक तैनात करने पर मजबूर है और इस तरह ग़ज़्ज़ा पर और दबाव बढ़ाने का उसे मौक़ा नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि ज़ायोनी सेना की एक तिहाई लोजिस्टिक्स इस समय लेबनान की सीमा की ओर केन्द्रित है। उन्होंने इसके साथ ही इस्राईल को धमकी दी कि अगर उसने लेबनान के ख़िलाफ़ हिमाक़त करने की कोशिश की तो यह उसके इतिहास की सबसे बड़ी ग़लती साबित होगी।

हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने कहा कि लेबनान की सीमा पर जारी लड़ाई से इस्राईली और अमेरिकी दोनों गहरी चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह की वजह से इस्राईल को लेबनान की सीमा के क़रीब की 43 ज़ायोनी कालोनियों को ख़ाली करना पड़ा है।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा कि जो चाहता है कि इलाक़े में लड़ाई का दायरा न बढ़े उसे चाहिए कि ग़ज़्ज़ा पर हमले तत्काल बंद करवाए। उन्होंने इराक़ और यमन की ओर से इस्राईल और अमेरिका के ख़िलाफ़ की जाने वाली कार्यवाहियों का हवाला दिया और कहा कि इराक़ और सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले हो रहे है और यह रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ का बिल्कुल सही फ़ैसला है।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ग़ज़्ज़ा में जो कुछ हो रहा है वो एतिहासिक है और पिछली घटनाओं से अलग है, ग़ज़्ज़ा की विजय सारे अरब देशों की विजय होगी। उन्होंने कहा कि अरब सरकारें जो भी हो सकता है करें कि ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमले बंद हो जाएं।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने फ़िलिस्तीनी फ़ोर्सेज़ के तूफ़ान अल अक़सा आप्रेशन के बारे में कहा कि इस आप्रेशन के स्ट्रैटेजिक नतीजे सामने आए जिनका असर इस्राईल के वर्तमान और भविष्य दोनों पर पड़ेगा। इस आप्रेशन ने फ़िलिस्तीन के मसले को दुनिया का सबसे अहम मसला बना दिया। उन्होंने कहा कि यह इस्राईल के लिए सुरक्षा, सैनिक, मनोवैज्ञानिक हर पहलू से एक भूकंप के समान था।