31 अक्टूबर 2023 - 10:02
अमेरिका युद्धोन्मादी , मध्य पूर्व में शांति चाहता ही नहीं

अमेरिका युद्ध का आदी है। वह युद्ध का आदी हो गया है। अमेरिका के पूरे इतिहास में केवल 16 साल ही ऐसे हैं जब वह युद्ध या रक्तपात से मुक्त रहा है।


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्य पूर्व के गंभीर हालात पर बयान देते हुए कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में शांति और व्यवस्था नहीं चाहता है। वह यहां अपना हित साधने के लिए हमेशा अराजकता का माहौल चाहता है और उन देशों को भी बदनाम करने से नहीं चूकता जो क्षेत्र में शांति के लिए काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका की हरकतों से संयुक्त राष्ट्र भी परेशान है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता की आड़ में अमेरिका अपने हित साधता है। अमेरिकी अभिजात वर्ग और उनके साझेदार वैश्विक अस्थिरता के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। ये सरकारें अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हावी होने और दुनिया को अस्थिर करते हुए अपना खजाना भरने के लिए अराजकता का इस्तेमाल करना चाहती हैं।

रूस के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि "जब आप मध्य पूर्व में बच्चों के खून से लथपथ शरीर, बुजुर्गों की पीड़ा, डॉक्टरों की मौत देखते हैं, तो मुट्ठियां भिंच जाती हैं, लेकिन इन भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त नहीं किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व को लेकर रूस के रुख में कभी भी निजी हित या दोहरापन नहीं रहा है। इस समस्या का एकमात्र समाधान एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का निर्माण है।

वहीं, चीन ने अमेरिका के युद्ध भड़काने वाले कदमों की कड़ी आलोचना की और कहा कि अमेरिका युद्ध का आदी है। वह युद्ध का आदी हो गया है। अमेरिका के पूरे इतिहास में केवल 16 साल ही ऐसे हैं जब वह युद्ध या रक्तपात से मुक्त रहा है। यह देश युद्ध का आदी है और वैश्विक अस्थिरता और दंगों का मुख्य कारण है। अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अराजकता एवं अव्यवस्था का मुख्य कारण अमेरिका है।