13 अक्टूबर 2023 - 08:04
अल-अक्सा तूफ़ान का सातवाँ दिन, ज़ायोनी सूचना मंत्री का इस्तीफ़ा

500 बच्चों और 276 महिलाओं सहित 1,537 लोग शहीद हो चुके हैं, जबकि ज़ायोनी शरणार्थियों की संख्या भी लगभग 1,400 तक पहुँच गई है।


ग़ज़्ज़ा पर ज़ायोनी आक्रमणकारियों की बमबारी का लगातार सातवां दिन है, लेकिन मानवाधिकारों की दुहाई देना वाला पश्चिमी जगत इन बर्बर हमलों को रोकना तो दूर निंदा करने के लिए भी तैयार नहीं बल्कि, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद, ब्रिटेन ने भी ज़ायोनी शासन के समर्थन के लिए अपने युद्धक बेड़े भेजने का फैसला किया है।

ग़ज़्ज़ा में स्थिति इतनी गंभीर है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार रिपोर्टर ने इस बात पर जोर दिया कि ग़ज़्ज़ा पट्टी के निवासियों को नस्लीय सफाये का सामना करना पड़ रहा है। ग़ज़्ज़ा के निवासियों की बिजली, पानी और भोजन जैसी जीवन की बुनियादी जरूरतों से वंचित करना मानवता के खिलाफ एक अक्षम्य अपराध है।

बता दें कि ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बर और क्रूर हमलों में 500 बच्चों और 276 महिलाओं सहित 1,537 लोग शहीद हो चुके हैं, जबकि फ़िलिस्तीनी दलों की कार्रवाई में मारे गए ज़ायोनी शरणार्थियों की संख्या भी लगभग 1,400 तक पहुँच गई है।