12 अक्टूबर 2023 - 10:06
ग़ज़्ज़ा को लेकर पुतिन की चेतावनी, अल अज़हर विश्वविद्यालय का मुसलमानों से आह्वान

अल-अज़हर ने फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार और ग़ज़्ज़ा में जंग के लिए पश्चिम को ज़िम्मेदार ठहराया और इसे उनके चेहरे पर एक काला धब्बा बताया जो कभी नहीं मिटेगा।


ग़ज़्ज़ा पर अतिक्रमणकारी अवैध राष्ट्र इस्राईल की बर्बर बमबारी के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि इस्राईल-फिलिस्तीनी संघर्ष के विस्तार के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही रूसी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि इस्राईल-फिलिस्तीनी संघर्ष में आम नागरिकों के नुकसान को कम करना जरूरी है।

पुतिन ने मध्य पूर्व में इस संघर्ष के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ''अमेरिका ने इस्राईल में ही समस्याएं पैदा कर दी हैं.'' उन्होंने इस मामले में वाशिंगटन के सैन्य हस्तक्षेप की भी आलोचना की और कहा कि ''अमेरिका ने नौसैनिक बेड़ा भेजकर क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।

रूसी राष्ट्रपति ने घोषणा की कि रूस फ़िलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन करता है। इससे पहले, रूस ने इस्राईल-हमास युद्ध में तीसरे पक्ष के शामिल होने की चेतावनी दी थी।

उधर, मिस्र के जाने-माने इस्लामिक शिक्षा केंद्र जामिया अल-अजहर ने 5 दिनों से ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल की आक्रामकता पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अल-अज़हर विश्वविद्यालय ने फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार और ग़ज़्ज़ा में जंग के लिए पश्चिम को ज़िम्मेदार ठहराया और इसे ज़ायोनीवादियों और उनके समर्थकों के चेहरे पर एक काला धब्बा बताया जो कभी नहीं मिटेगा।

जामिया ने कहा, "पश्चिमी मीडिया की पक्षपातपूर्ण कवरेज ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा के उनके दावे की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। फ़िलिस्तीनी लोगों की देशभक्ति और बलिदान को सलाम करते हुए, अल-अज़हर विश्वविद्यालय ने इस्लामी देशों और उनकी सरकारों को ज़ायोनी राज्य के लिए एकजुट होने वाले पश्चिम के खिलाफ अपने पक्षको मजबूत करने की सलाह दी।