फ़िलिस्तीन और अवैध ज़ायोनी राष्ट्र के बीच चल रहे संघर्ष में, हमास ज़ायोनी ख़ुफ़िया एजेंसी शाबाक के तीन वरिष्ठ अधिकारियों सहित 17 सैनिकों को मारने में कामयाब रहा। ज़ायोनी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अल-अक्सा तूफ़ान नाम से शुरू की गयी हमास की कार्रवाई के परिणामस्वरूप मृत ज़ायोनीवादियों की संख्या 1200 से अधिक हो गई है। हिब्रू चैनल 12 ने बताया कि अल-अक्सा तूफान ऑपरेशन के बाद से मरने वाले ज़ायोनी अतिक्रमणकारियों की संख्या 1,200 तक पहुंच गई है और 2,900 घायल हुए हैं।
वहीं, हमास के हमलों से बौखलाए इस्राईल ने एक बार फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ सभी कानूनों और नियमों की धज्जियां उड़ा दीं और ग़ज़्ज़ा पर प्रतिबंधित फॉस्फोरस बम गिराए।
ज़ायोनी सरकार द्वारा लगातार बमबारी और हमलों के कारण 250,000 फ़िलिस्तीनियों ने अपना घर छोड़ दिया। यूएनआरडब्ल्यूए के अनुसार, अपने घर छोड़कर भागे अधिकांश फिलिस्तीनियों ने ग़ज़्ज़ा में यूएनआरडब्ल्यूए के स्कूलों में शरण ली है और पानी, भोजन और दवा के बिना कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं।