21 जून 2023 - 10:34
फ़िलिस्तीनियों के हाथों ज़ायोनी सेना हुई अपमानित, जेनिन में हवाई हमले के लिए मजबूर

जेनिन में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी बलों की कार्यवाहियों से आश्चर्यचकित होकर, ज़ायोनी सेना ने पिछले 20 वर्षों में पहली बार, जेनिन पर बमबारी की है।

वेस्ट बैंक के उत्तर में जेनिन शहर में सोमवार की सुबह फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी बलों की ज़ायोनी सैनिकों से झड़प हुई। इस्लामी जिहाद आंदोलन की सैन्य शाख़ा सराया अल-क़ुद्स ने घोषणा की है कि प्रतिरोधी बलों ने ज़ायोनी सेना के वाहन के मार्ग में एक बम विस्फोट करने में और वाहन को निष्क्रिय करने में सफलता प्राप्त की है।

ज़ायोनी मीडिया का कहना है कि इस्राईली सैनिक, प्रतिरोधी बलों के जाल में फंस गए और उनमें से सात घायल हो गए हैं। इसी वजह से लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को संघर्ष स्थल पर भेजा गया।

दूसरे इंतिफ़ाज़ा के 20 साल बाद यह पहली बार था जब ज़ायोनी सेना ने वेस्ट बैंक के उत्तर में जेनिन शहर पर हवाई हमला करने के लिए वायु सेना का इस्तेमाल किया। जेनिन पर बमबारी करने के लिए वायु सेना का उपयोग, फ़िलिस्तीनी बलों के सशस्त्र प्रतिरोध के मुक़ाबले में इस्राईली सेना की कमज़ोरी को दर्शाता है।

ज़ायोनी टीवी चैनल 12 ने इस संबंध में उल्लेख किया कि जेनिन पर हवाई हमला, फ़ील्ड में मौजूद सैन्य अधिकारियों के अनुरोध पर किया गया था। जहां फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं के साथ भीषण गोलीबारी जारी थी। दर असल, इस्राईली सेना को फ़िलिस्तीनियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले ने अचंभित कर दिया और उसे वायु सेना का इस्तेमाल करना पड़ा।

अवैध अधिकृत जेनिन में सोमवार के ऑपरेशन और प्रतिरोधी बलों द्वारा घात लगाकर इस्राईली सैनिकों को निशाना बनाने की घटना पर फ़िलिस्तीनी संगठनों के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। हमास आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के उप प्रमुख सालेह अल-आरूरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अल-क़ुद्स पर क़ब्ज़ा करने वाले अवैध शासन को कोई भी मूर्खता करने से पहले एक हज़ार बार सोचना चाहिए। अल-आरूरी ने कहाः हमने नेतनयाहू को चेतावनी दी है कि अल-अक्सा मस्जिद को अगर कोई भी नुक़सान पहुंचा, तो यह आग से खेलने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र और इस्लामी प्रतिरोध अल-अक्सा मस्जिद की रक्षा करना जारी रखेगा, भले ही रास्ते में उसे बहुत ज़्यादा क़र्बानी देना पड़े।

जेनिन में पेश आने वाली घटना की ज़ायोनी मीडिया हलक़ों ने भी व्यापक आलोचना की है और इसे ज़ायोनी सेना की कमज़ोरी क़रार दिया है।  ज़ायोनी मीडिया का कहना है कि यह फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधियों द्वारा ज़ायोनी सेना को अपमानित करने जैसा है। एक ज़ायोनी विश्लेषक का कहना है कि हम एक बुरी स्थिति में फंस गए हैं, बम विस्फ़ोट के घंटों बाद भी हम घटना स्थल को साफ़ नहीं कर सके हैं।  यह कोई लेबनान, सीरिया या ईरान की बात नहीं है, बल्कि यह इस्राईल के क़ब्ज़े वाला फ़िलिस्तीनी इलाक़ा है। इसलिए हम गंभीर संकट में हैं।

342/