स्पुतनिक न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, अंसारुल्लाह की नेशनल पीस कमेटी के प्रमुख युसूफ अल-फीशी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सऊदी गठबंधन के सामने दो रास्ते हैं, पहला यमन और वहां मौजूद भाड़े के सैनिकों को उनके हाल पर छोड़ देना और उनके भाग्य का फ़ैसला यमनी राष्ट्र को करने देना। दूसरा रास्ता यह है कि सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमन में युद्ध को जारी रखें और भाड़े के सैनिकों का समर्थन करते रहें।
अल-फ़ीशी ने कहा कि दूसरे विकल्प का चयन करने के नतीजे में सऊदी अरब और उसके सभी सहयोगियों को इस बात के लिए तैयार रहना होगा कि यमनी राष्ट्र के पास यह अधिकार होगा कि वह हमलावर देशों विशेषकर सऊदी अरब के हितों को निशाना बनाए। इसी तरह सऊदी गठबंधन में शामिल सभी गुटों को यमन पर हमले के बदले में अपनी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और स्थिरता की क़ुर्बानी देने के लिए तैयार रहना होगा। (RZ)
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