31 मई 2023 - 11:08
फायर होने के बाद 100 प्रक्षेपास्त्र आठ हज़ार राकेटों में बदल जायेंगे और दुश्मन के आठ हज़ार ठिकानों को तबाह कर देंगेः आईआरजीसी

सिपाहे पासदारान ने कहा है कि ईरान का हाइपरसोनिक मिसाइल एक साथ 80 लक्ष्यों को भेदेगा।

ईरान की इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के एक वरिष्ठ कमांडर अमीर अली हाजीज़ादे ने कहा है कि हाइपर सोनिक मिसाइल का परीक्षण पूरा हो गया है और जल्द ही उसका अनावरण किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि यह मिसाइल दुश्मनों के मिसाइल विरोधी समस्त यंत्रों को पार करते हुए एक साथ 80 निशानों को लक्ष्य बनायेगा। उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकार के 100 प्रक्षेपास्त्रों को हम फायर करेंगे तो वे आठ हज़ार राकेटो में बदल जायेंगे और दुश्मन के आठ हज़ार ठिकानों को तबाह कर देंगे।

उन्होंने अपने भाषण के अन्य भाग में तीन खुर्दाद को खुर्रम शहर में मिलने वाली एतिहासिक विजय की ओर संकेत किया और कहा खुर्रम शहर पर विजय कर लेने के बाद 30 देशों ने सद्दाम की मदद की और 11 देशों के सैनिकों को हमने बंधक बनाया था, इन देशों ने रासायनिक और सटीक मार करने वाले मिसाइलों और आधुनिकतम युद्धक विमानों आदि से सद्दाम की मदद की क्योंकि सब डर गये थे, आज हमें चाहिये कि हम अपने जवानों को यह बतायें कि खुर्रम शहर को सद्दाम के कब्ज़े से कैसे आज़ाद कराया।

उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने अनहोनी को होनी करके दिखा दिया जिसकी वजह से ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध प्रतिबंधों को अधिक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग देश के भीतर दुश्मनों की दुश्मनी को नहीं देख रहे हैं क्योंकि वे देखना ही नहीं चाहते हैं। अगर अमेरिका और पश्चिम का हस्तक्षेप न होता तो खुर्रम शहर को आज़ाद करा लिये जाने के एक वर्ष बाद जंग खत्म हो गयी थी परंतु अमेरिकी जंग को जारी रखना चाहते थे।

आईआरजीसी के एरोस्पेस विभाग के कमांडर ने कहा कि आरंभ में अमेरिका की शैली जंग होती है और आज जब वह ईरान से जंग करने की क्षमता नहीं रखता है इसलिए वह आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रचारिक युद्ध पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को अमेरिका के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृति और दूसरे क्षेत्रों में षडयंत्रों से सचेत रहने की ज़रूरत है क्योंकि सैनिक क्षेत्र में अमेरिका के पास ईरान से लड़ने की ताकत नहीं है। MM

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