17 मई 2023 - 10:51
ईरानी नौसेना का बेडा दुनिया का चक्कर लगाकर मिशन को कामयाबी से पूरा करके बुधवार को पहुंचेगा ईरान।

दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकले ईरानी नौसेना के बड़े ने अपने सफर की शुरुआत बंदर अब्बास पोर्ट से की और उसके बाद मुंबई पोर्ट पर लंगर डाला। मुंबई से निकल कर बंगाल की खाड़ी और मलागा जलडमरूमध्य से गुजरते हुए, इस बेड़े ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में डॉक किया।

20 सितम्बर 2022 को दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकला ईरान नौसेना के बेडा 86 अपने मिशन को कामयाबी से पूरा करने के बाद बुधवार को ईरान पहुंचेगा। ईरानी नौसेना के 86वें बेड़े को 360वें बेड़े के नाम से भी जाना जाता है। यह बेड़ा 20 सितंबर 2022 को दुनिया भर का चक्कर लगाने के एक अहम् मिशन पर भेजा गया था। अपने मिशन कोकामयाबी से पूरा करने के बाद ईरानी नौसेना का यह बेडा 18 मई को ईरान की जल सीमा में वापस आएगा। 

दुनिया का चक्कर लगाने के लिए निकले ईरानी नौसेना के बड़े ने अपने सफर की शुरुआत बंदर अब्बास पोर्ट से की और उसके बाद मुंबई पोर्ट पर लंगर डाला। मुंबई से निकल कर बंगाल की खाड़ी और मलागा जलडमरूमध्य से गुजरते हुए, इस बेड़े ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में डॉक किया।

इस पड़ाव के बाद, ईरानी बेड़ा जावा सागर की तरफ अपना सफर जारी रखता है और मकरसर जलडमरूमध्य और सेलेब्स सागर से होकर 

 ईरान के फौजी समुद्री सफर के इतिहास में पहली बार प्रशांत महासागर के विशाल और अथाह मैदान में दाखिल होता है और प्रशांत महासागर के सबसे चौड़े हिस्से को पार करके माइक्रोनेशिया और पोलिनेशिया के आईलैंड्स से गुजरते हुए अमेरिकी महाद्वीप के दक्षिण में मौजूद मैगलन जलडमरूमध्य की ओर बढ़ता है। 

मैगलन स्ट्रेट से गुज़र कर ईरानी बेड़े ने अटलांटिक महासागर में क़दम रखा, और फिर उत्तर की ओर बढ़ते हुए चिली, अर्जेंटीना, उरुग्वे, और ब्राजील के तटों गुज़रते हुए ईरान और ब्राजील के आपसी रिश्तों की 120 वर्षगांठ के मौके पर ब्राज़ील के अहम् बंदरगाह रियो डी जनेरियो पर लंगर डाला। 

रियो में कुछ रोज़ रुकने के बाद ईरानी बेड़े ने अटलांटिक महासागर को पार करते हुए दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में पड़ाव डाला। ओमान का सलालाह बंदरगाह ईरानी बेड़े का अंतिम पड़ाव था। सलालाह में रुकने के बाद ईरानी नौसेना का यह बेडा अपनी मुहीम को कामयाबी के साथ सर के बंदर अब्बास की तरफ बढ़ रहा है। कहा जा रहा है की बुधवार 18 मई को ईरानी नौसेना का यह बेडा पूरी दुनिया का चक्कर लगाने के अपने मिशन को कामयाबी के साथ पूरा करके बंदर अब्बास में लंगर डालेगा।