आईआरजीसी की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल इस्माईल क़ानी का कहना था कि प्रतिरोधी मोर्चा एक पौधे से आज एक बड़े दरख़्त में बदल चुका है। इस मोर्चे में शामिल सभी जियालों का एक ही मुख्य लक्ष्य है और वह है इस्लाम और मुसलमानों के सम्मान की रक्षा करना।
जनरल क़ानी का कहना था कि ज़ायोनी शासन आज भी फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचार कर रहा है, लेकिन लेबनान में प्रतिरोधी सरदार चेतावनी देते हैं कि अगर तुमने मस्जिदुल अक़सा का अनादर किया तो हम जवाब देंगे। लेबनान के तुरंत बाद यमन से आवाज़ आती है कि हम भी मैदान में मौजूद हैं। इसी तरह से दूसरे देशों से भी फ़िलिस्तीन के हक़ में आवाज़ें बुलंद हो रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज फ़िलिस्तीनी युवक हर दिन 30 से ज़्यादा ऑप्रेश अंजाम दे रहे हैं, जो प्रतिरोधी मोर्चे की मज़बूती का सुबूत है।
क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर ने कहा कि हम फ़िलिस्तीनी युवाओं का समर्थन करते रहेंगे और ज़ायोनी शासन के पूर्ण विनाश के लिए उनके साथ कांधे से कांधा मिलाकर खड़े रहेंगे। msm
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